सेंट जॉन इन द वाइल्डरनेस चर्च हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में मैकलोडगंज के पास, जंगलों के बीच स्थित एक प्रोटेस्टेंट चर्च है। 1852 में बना यह चर्च अपनी नव-गोथिक शैली, रंगीन काँच की खिड़कियों और कब्रिस्तान के लिए जाना जाता है। कब्रिस्तान में लॉर्ड एल्गिन की समाधि भी है। टर्किश कॉटेज के कमरों से चर्च तक कार से लगभग 8 मिनट या पैदल 42 मिनट लगते हैं।
- स्थान: धर्मशाला और मैकलोडगंज के बीच का जंगल, फॉर्सिथ गंज के पास
- खासियत: नव-गोथिक वास्तुकला और रंगीन काँच
- परिसर में: ईसाई कब्रिस्तान और लॉर्ड एल्गिन की समाधि
- प्रवेश: आगंतुकों के प्रवेश से जुड़ी मौजूदा जानकारी के लिए जाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट देखें
यह चर्च क्यों खास है?

सेंट जॉन इन द वाइल्डरनेस चर्च अपने इतिहास, नव-गोथिक डिज़ाइन और रंगीन काँच की खिड़कियों के लिए खास है। 1852 में बना यह चर्च धर्मशाला के ऐतिहासिक स्थलों में से एक है।
इसकी रंगीन काँच की खिड़कियों में जॉन द बैपटिस्ट को यीशु के साथ दर्शाया गया है। भारत के पूर्व वायसराय लॉर्ड एल्गिन को चर्च के कब्रिस्तान में दफनाया गया है; 1863 में धर्मशाला में उनका निधन हुआ था। इन खूबियों के कारण चर्च वास्तुकला और इतिहास, दोनों में दिलचस्पी रखने वालों के लिए खास है और मैकलोडगंज से भी दूर नहीं है।
मैकलोडगंज से चर्च तक कैसे पहुँचें?

यह चर्च धर्मशाला और मैकलोडगंज के बीच जंगलों वाले इलाके में, फॉर्सिथ गंज के पास स्थित है।
मैकलोडगंज और चर्च के बीच फिलहाल कोई निश्चित मार्ग, बस समय-सारणी या अन्य नियमित परिवहन सेवा की जानकारी उपलब्ध नहीं है। अगर आप सार्वजनिक परिवहन से जाना चाहते हैं, तो किसी सेवा को तय मानकर चलने के बजाय स्थानीय स्तर पर व्यवस्था की पुष्टि कर लें। आप चर्च के साथ धर्मशाला स्थित दलाई लामा मंदिर भी देख सकते हैं, जो इलाके का एक और प्रमुख स्थल है।
परिसर में क्या देख सकते हैं?

चर्च परिसर में एक ईसाई कब्रिस्तान और लॉर्ड एल्गिन की समाधि है। जॉन द बैपटिस्ट को यीशु के साथ दर्शाती चर्च की रंगीन काँच की खिड़कियाँ भी इसकी खास पहचान हैं।
चूँकि कब्रिस्तान चर्च परिसर का हिस्सा है, इसलिए वहाँ सम्मानपूर्वक व्यवहार करें। अगर आप मैकलोडगंज के आसपास दिनभर घूमने की योजना बना रहे हैं, तो चर्च को मैकलोडगंज के एक-दिवसीय भ्रमण मार्ग में शामिल कर सकते हैं।
प्रवेश और शिष्टाचार के बारे में क्या जानना चाहिए?

आगंतुकों के लिए खुलने का समय, पूजा का कार्यक्रम, प्रवेश के नियम, फ़ोटोग्राफ़ी की अनुमति और टिकट की आवश्यकता की पक्की जानकारी उपलब्ध नहीं है। प्रवेश चर्च की व्यवस्था पर निर्भर हो सकता है, इसलिए जाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट देखें और ज़रूरत पड़ने पर स्थानीय स्तर पर जानकारी की पुष्टि करें।
परिसर में चर्च और कब्रिस्तान का धार्मिक तथा समाधि-स्थल के रूप में सम्मान करें। प्रवेश द्वार पर दिए गए निर्देशों का पालन करें। फ़ोटोग्राफ़ी के नियम स्पष्ट न हों, तो तस्वीरें लेने से पहले पूछ लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सेंट जॉन इन द वाइल्डरनेस चर्च कहाँ है?
यह हिमाचल प्रदेश में धर्मशाला और मैकलोडगंज के बीच जंगलों वाले इलाके में, फॉर्सिथ गंज के पास स्थित है।
चर्च कब बना था?
यह चर्च 1852 में नव-गोथिक शैली में बनाया गया था।
क्या यहाँ प्रवेश शुल्क है?
टिकट या प्रवेश शुल्क की पक्की जानकारी उपलब्ध नहीं है। जाने से पहले प्रवेश से जुड़ी जानकारी की पुष्टि कर लें।
